काला हकीक की माला (Black Agate Mala) ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में अपनी सुरक्षात्मक शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'अकीक' या 'सुलेमानी पत्थर' के नाम से भी जाना जाता है, जो मुख्य रूप से शनि ग्रह और राहु-केतु के दोषों को दूर करने के लिए उपयोग की जाती है।
यहाँ काला हकीक माला के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई है:
काला हकीक एक अर्ध-कीमती पत्थर (Semi-precious stone) है। यह एक अपारदर्शी पत्थर है जो अपनी चमक और गहरे काले रंग के लिए जाना जाता है। इसे 'भाग्यशाली पत्थर' (Luck Stone) भी कहा जाता है क्योंकि यह धारण करने वाले के जीवन से दुर्भाग्य को दूर करने की क्षमता रखता है।
प्राकृतिक खनिज: यह कुदरती तौर पर खदानों से पत्थरों के रूप में निकलता है।
निर्माण प्रक्रिया: इन प्राकृतिक पत्थरों को काटकर और पॉलिश करके गोल या अंडाकार मनकों का आकार दिया जाता है। असली हकीक छूने पर ठंडा महसूस होता है और इसमें एक प्राकृतिक वजन होता है।
संरचना: इसे आमतौर पर काले या गहरे रंग के रेशमी या सूती धागे में 108+1 की संख्या में पिरोया जाता है।
काला हकीक माला को धारण करने से पहले उसे जाग्रत करना आवश्यक है:
शुभ दिन: इसे शनिवार के दिन धारण करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
शुद्धिकरण: माला को गंगाजल या शुद्ध जल से साफ करें। इसके बाद इसे सरसों के तेल का एक हल्का सा स्पर्श दें (शनि देव के प्रतीक के रूप में)।
पूजन: माला को शनि देव या भैरव बाबा के चरणों में रखें और नीले या काले फूल अर्पित करें।
मंत्र जाप: 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें।
धारण: जाप पूर्ण होने के बाद इसे शाम के समय (सूर्यास्त के बाद) धारण करें।
शनि दोष से मुक्ति: यह शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि की महादशा के बुरे प्रभावों को कम करने में अत्यंत प्रभावशाली है।
नजर और तंत्र बाधा: यह बुरी नजर, काले जादू और ऊपरी बाधाओं से सुरक्षा प्रदान करने वाली सबसे शक्तिशाली माला मानी जाती है।
आत्मविश्वास में वृद्धि: इसे धारण करने से भय दूर होता है और व्यक्ति के अंदर साहस व आत्मबल बढ़ता है।
आर्थिक स्थिरता: यह अनावश्यक खर्चों को रोकती है और कर्ज से मुक्ति दिलाने में सहायक होती है।
तनाव मुक्ति: मानसिक अशांति और अनिद्रा (नींद न आना) जैसी समस्याओं में यह मन को शांत रखती है।
सिद्ध करने की अवधि: यदि आप किसी अनुभवी ब्राह्मण या कर्मकांडी पंडित के माध्यम से इसे सिद्ध करवाते हैं, तो यह प्रक्रिया केवल 1 दिन (एक ही बैठक) में पूर्ण हो जाती है।
अनुष्ठान प्रक्रिया: ब्राह्मण द्वारा किसी विशेष तिथि पर संकल्प लेकर, वैदिक शनि मंत्रों के संपुट और विशेष आहुतियों (हवन) के माध्यम से माला की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। इस विधि विधान के बाद माला तुरंत सक्रिय होकर अपना सकारात्मक फल देना शुरू कर देती है।
विशेष निर्देश:- हमारे केंद्र द्वारा प्रदान की गयी मंत्रविद्या,यंत्रविद्या,सिद्धसामग्री,एवं आयुर्वेदिक औषधि,और अन्य किसी भी सामग्री का हम आधिकारिक रूप से कोई भी गारंटी या जिम्मेदारी नहीं लेते। आप चैनल के विश्वास और चमत्कार को देखकर के स्वयं या दूसरों के हित के लिए प्रयोग कर सकते है।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products