रत्नों के दिए गए दाम 6 कैरट के दाम है।
The prices given for the gemstones are for 6 carats.
पुखराज (Yellow Sapphire), जिसे संस्कृत में 'पुष्पराज' और बोलचाल में 'खराज' भी कहा जाता है, रत्नों की दुनिया का सबसे सात्विक और प्रभावशाली रत्न माना जाता है। यह अपनी सौम्य ऊर्जा और शुभता के लिए प्रसिद्ध है।
पुखराज रत्न सौरमंडल के सबसे विशाल और शुभ ग्रह बृहस्पति (Jupiter) का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष में बृहस्पति को 'देवगुरु' माना गया है, जो ज्ञान, धर्म, भाग्य और कृपा के कारक हैं। पुखराज धारण करने का अर्थ है गुरु ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में आकर्षित करना।
पुखराज को "भाग्य बदलने वाला रत्न" कहा जाता है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
आर्थिक उन्नति: यह अचानक धन लाभ और व्यापार में फँसे हुए पैसे निकालने में मदद करता है।
संतान और विवाह: निःसंतान दंपत्तियों के लिए और उन कन्याओं के लिए जिनके विवाह में देरी हो रही है, यह किसी वरदान से कम नहीं है।
प्रशासनिक सफलता: जो लोग न्याय, शिक्षा, लेखन या राजनीति के क्षेत्र में हैं, उन्हें यह अपार प्रसिद्धि दिलाता है।
चमत्कारिक प्रभाव: ऐसा माना जाता है कि शुद्ध पुखराज धारण करने के कुछ ही हफ्तों में व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता (Wisdom) में गजब का सुधार आता है।
हर कोई पुखराज नहीं पहन सकता। इसे कुंडली की इन स्थितियों में धारण किया जाता है:
लग्न अनुसार: मेष, कर्क, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न वालों के लिए यह अत्यंत शुभ है।
भाव स्थिति: यदि गुरु प्रथम, पंचम, नवम या दशम भाव में स्थित हो।
कमजोर गुरु: यदि गुरु ग्रह कुंडली में शुभ होकर भी अंश बल (Degrees) में कमजोर हो, तो उसे बल देने के लिए पुखराज पहना जाता है।
दशा: यदि व्यक्ति की 'बृहस्पति की महादशा' या 'अंतर्दशा' चल रही हो।
विशेष नोट: यदि गुरु मकर राशि (नीच राशि) में हो या शत्रु भाव (6, 8, 12) का स्वामी हो, तो इसे बिना परामर्श के न पहनें।
उत्पादन: सबसे श्रेष्ठ पुखराज श्रीलंका (Ceylon) की खानों से निकलता है। इसके बाद बर्मा (म्यांमार) और बैंकॉक का स्थान आता है।
सहजता: बाजार में पुखराज आसानी से मिल जाता है, लेकिन 90% पुखराज 'हीटेड' (Heated) या 'सिंथेटिक' होते हैं। असली, अनहीटेड और पारदर्शी पुखराज प्राप्त करना थोड़ा कठिन और महंगा होता है।
कैवल्य एस्ट्रो ग्रुप अपनी शुद्धता के लिए इन मानकों का पालन करता है:
सरकारी लैब सर्टिफिकेशन: हम केवल उन रत्नों को प्रदान करते हैं जो विश्वसनीय प्रयोगशालाओं द्वारा प्रमाणित होते हैं।
प्राकृतिक चयन: हम कांच या ट्रीटेड पत्थरों के बजाय केवल माइन्स (खदानों) से निकले प्राकृतिक रत्नों का चयन करते हैं।
दोष-मुक्त परीक्षण: ज्योतिषीय दृष्टि से रत्न में कोई दरार, काला धब्बा या जाला नहीं होना चाहिए, इसकी सघन जांच की जाती है।
धातु (Metal): पुखराज को हमेशा 22K सोने (Gold) में ही धारण करना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में इसे पीतल या पंचधातु में पहना जा सकता है, लेकिन चांदी में इसे पहनने से बचना चाहिए।
उंगली: इसे दाएं हाथ की तर्जनी (Index Finger) में पहना जाता है।
समय: इसे गुरुवार (Thursday) के दिन, शुक्ल पक्ष में, सूर्योदय के बाद के एक घंटे के भीतर (होरा काल में) पहनना सबसे उत्तम है।
रत्न को जागृत किए बिना वह पत्थर मात्र है। इसकी विधि इस प्रकार है:
शुद्धिकरण: अंगूठी को धारण करने से पहले एक कटोरी में कच्चा दूध, गंगाजल, शहद और तुलसी के पत्ते डालकर उसमें 15 मिनट के लिए रख दें।
सक्रियण (मंत्र): शुद्धिकरण के बाद अंगूठी को पीले कपड़े पर रखें और गुरु के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें:
दान: धारण करने के बाद किसी ब्राह्मण या बुजुर्ग को चने की दाल या पीले फल का दान करें।
विशेष निर्देश :- हमारे केंद्र द्वारा प्रदान की गयी मंत्र विद्या,यंत्र विद्या, सिद्ध सामग्री, एवं आयुर्वेदिक औषधि, और अन्य किसी भी सामग्री का हम आधिकारिक रूप से कोई भी गारंटी या जिम्मेदारी नहीं लेते। आप चैनल के विश्वास और चमत्कार को देखकर के स्वयं या दूसरों के हित के लिए प्रयोग कर सकते है।
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