रत्नों के दिए गए दाम 6 कैरट के दाम है।
The prices given for the gemstones are for 6 carats.
मूंगा रत्न (Red Coral) ज्योतिष शास्त्र में एक अत्यंत प्रभावशाली और ऊर्जावान रत्न माना जाता है। यह मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।
मूंगा एक जैविक रत्न (Organic Gemstone) है जो समुद्र की गहराइयों में "पॉलीप्स" नामक सूक्ष्म समुद्री जीवों द्वारा बनाया जाता है। अन्य रत्नों की तरह यह खानों से नहीं निकलता, बल्कि वनस्पति की तरह समुद्र में पनपता है। यह मुख्य रूप से गहरे लाल, सिंदूरी, सफेद और गुलाबी रंग में पाया जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, मूंगा मंगल (Mars) ग्रह का रत्न है, जिसे ग्रहों का सेनापति कहा जाता है।
साहस और आत्मविश्वास: इसे धारण करने से डर दूर होता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
शत्रु विजय: यह शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और कोर्ट-कचहरी के मामलों में लाभ दिलाने में सहायक है।
स्वास्थ्य लाभ: यह रक्त संबंधी विकारों, हड्डियों की मजबूती और आलस्य को दूर करने में प्रभावी माना जाता है।
मांगलिक दोष: कुंडली में मंगल के प्रतिकूल होने या मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने के लिए इसे धारण किया जाता है।
कैवल्य एस्ट्रो वर्ल्ड (Kaivalya Astro World) अपने सभी रत्नों की शुद्धता और प्रामाणिकता के प्रति वचनबद्ध है। हमारे यहाँ उपलब्ध मूंगा रत्न पूर्णतः प्राकृतिक होते हैं, जिनकी शुद्धता की पुष्टि Government Approved Lab Certificate द्वारा की जाती है। हम सुनिश्चित करते हैं कि रत्न "सिंथेटिक" या "डाइड" (रंगा हुआ) न हो, ताकि आपको इसका पूर्ण ज्योतिषीय लाभ मिल सके।
धातु (Metal): मूंगा धारण करने के लिए सोना (Gold) या तांबा (Copper) सबसे उत्तम धातु मानी जाती है। विशेष परिस्थिति में इसे पंचधातु में भी पहना जा सकता है।
दिन और समय: इसे मंगलवार के दिन सूर्योदय के पश्चात सुबह 11 बजे से पहले धारण करना चाहिए।
राशि: मेष (Aries) और वृश्चिक (Scorpio) राशि के जातकों के लिए मूंगा भाग्य रत्न है।
लग्न: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न वाले इसे धारण कर सकते हैं।
स्थिति: यदि आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है या आप पुलिस, सेना, जमीन के कारोबार या खेलकूद के क्षेत्र में हैं, तो यह अत्यंत लाभकारी है।
नोट: बिना अनुभवी ज्योतिषी के परामर्श के रत्न धारण न करें, क्योंकि मंगल उग्र ग्रह है।
रत्न धारण करने से पहले उसका शुद्धिकरण और प्राण-प्रतिष्ठा अनिवार्य है:
शुद्धिकरण: मंगलवार सुबह अंगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण में 15-20 मिनट के लिए रख दें।
सक्रियण (मन्त्र): धूप-दीप दिखाकर मंगल देव का ध्यान करें और मंगल के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें:
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:"
मंत्र जाप के बाद अंगूठी को अनामिका उंगली (Ring Finger) में धारण करें।
नियमित सफाई: मूंगा एक नरम रत्न है, इसे रसायनों और कठोर साबुन से बचाएं।
अशुद्ध अवस्था: सूतक (मृत्यु) या ऐसी ही अन्य अशुद्ध स्थितियों में रत्न की गरिमा का ध्यान रखें।
अशुभ रत्न मेल: मूंगे के साथ कभी भी नीलम, हीरा या गोमेद धारण न करें, क्योंकि इनकी मंगल से शत्रुता है।
खंडित रत्न: यदि रत्न में दरार आ जाए या वह टूट जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।
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