रत्नों के दिए गए दाम 6 कैरट के दाम है।
The prices given for the gemstones are for 6 carats.
मोती रत्न (Pearl Stone), जिसे संस्कृत में 'मुक्ता' कहा जाता है, नवग्रहों में सबसे शांत और सौम्य ग्रह चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा मन, माता और भावनाओं का कारक है। कैवल्य एस्ट्रो वर्ल्ड के अनुसार, एक शुद्ध प्राकृतिक मोती धारण करने से अशांत मन को स्थिरता और जीवन को शीतलता प्राप्त होती है।
मोती एक जैविक रत्न (Organic Gemstone) है, जो समुद्र में सीप (Oyster) के भीतर बनता है।
रंग: यह मुख्य रूप से चमकीला सफेद होता है, लेकिन यह हल्के गुलाबी, पीले और काले रंग में भी पाया जाता है। ज्योतिष के लिए बिना दाग वाला सफेद मोती सर्वश्रेष्ठ है।
आभा: एक असली मोती के ऊपर एक रेशमी चमक (Lustre) होती है जो आँखों को सुकून देती है।
प्रकृति: यह स्वभाव से अत्यंत शीतल होता है।
मानसिक शांति: यह तनाव, अवसाद (Depression) और घबराहट को दूर कर मन को शांत रखता है।
क्रोध पर नियंत्रण: जिन लोगों को अत्यधिक गुस्सा आता है, उनके लिए मोती वरदान के समान है।
माता का सुख: इसे धारण करने से माता के स्वास्थ्य में सुधार आता है और उनके साथ संबंध मधुर होते हैं।
स्वास्थ्य: यह अनिद्रा (Insomnia), रक्तचाप (Blood Pressure) और पेट से संबंधित रोगों में राहत देता है।
कैवल्य एस्ट्रो वर्ल्ड केवल प्राकृतिक और प्रमाणित (Certified) मोती ही प्रदान करता है। बाजार में मिलने वाले कांच या प्लास्टिक के मोतियों का कोई ज्योतिषीय लाभ नहीं होता। हमारे मोती प्रतिष्ठित रत्नालयों से जाँचे गए होते हैं, जो उनकी मौलिकता और सकारात्मक ऊर्जा की पूर्ण गारंटी देते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि रत्न "अनट्रीटेड" हो ताकि उसका पूर्ण प्रभाव धारक को मिले।
उत्तम धातु (Metal): मोती के लिए चांदी (Silver) ही एकमात्र और सबसे उत्तम धातु है। इसे भूलकर भी सोने में नहीं जड़वाना चाहिए।
उंगली (Finger): इसे दाहिने हाथ की सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा/Little Finger) में धारण करना चाहिए।
समय (Time): किसी भी शुक्ल पक्ष के सोमवार (Monday) को सूर्योदय के पश्चात या संध्या काल में जब चंद्रमा दिखाई दे।
कर्क लग्न (Cancer Ascendant): यह कर्क लग्न वालों के लिए भाग्य रत्न है।
मेष, वृश्चिक, धनु और मीन लग्न के जातक भी इसे धारण कर सकते हैं।
यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, नीच का हो या राहु-केतु के साथ 'ग्रहण दोष' बना रहा हो, तो मोती पहनना अनिवार्य हो जाता है।
मोती को जागृत करने के लिए यह विधि अपनाएं:
शुद्धिकरण: अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध के मिश्रण में कम से कम 1 घंटे के लिए भिगो दें।
सक्रियण (Pran Pratishtha): सोमवार को शिव मंदिर में या घर के मंदिर में बैठकर चंद्रमा के बीज मंत्र "ॐ सों सोमाय नमः" का 108 बार जाप करें।
अर्पण: जप के बाद अंगूठी को शिवलिंग से स्पर्श कराएं या चंद्रमा के दर्शन करते हुए धारण करें।
पवित्रता: मोती बहुत नाजुक होता है, इसलिए इसे रसायनों (Perfumes/Detergents) से बचाएं।
विपरीत रत्न: मोती के साथ कभी भी गोमेद या लहसुनिया धारण न करें, क्योंकि राहु-केतु और चंद्रमा के बीच शत्रुता है।
नियमित सफाई: समय-समय पर इसे गंगाजल से धोते रहें ताकि इसकी चमक और ऊर्जा बनी रहे।
मानसिक स्थिति: यदि मोती पहनने के बाद आप अत्यधिक भावुक महसूस करें या सर्दी-जुकाम बढ़ जाए, तो इसे उतार कर ज्योतिषीय परामर्श लें।
विशेष निर्देश:- हमारे केंद्र द्वारा प्रदान की गयी मंत्र विद्या ,यन्त्र विद्या, सिद्ध सामग्री, एवं आयुर्वेदिक औषधि और अन्य किसी भी सामग्री का हम आधिकारिक रूप से कोई भी गारंटी या जिम्मेदारी नहीं लेते। आप चैनल के विश्वास और चमत्कार को देखकर के स्वयं या दूसरों के हित के लिए प्रयोग कर सकते है।
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