रत्नों के दिए गए दाम 6 कैरट के दाम है।
The prices given for the gemstones are for 6 carats.
ज्योतिष शास्त्र में माणिक्य (Ruby) को 'रत्नों का राजा' कहा जाता है। यह सूर्य (Sun) ग्रह का प्रतिनिधित्व करने वाला सबसे प्रभावशाली रत्न है।
माणिक्य एक अत्यंत कठोर और कीमती रत्न है। इसका गहरा लाल रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान और सरकारी सुख का कारक माना गया है, और माणिक्य धारण करने से सूर्य के इन गुणों में वृद्धि होती है।
नेतृत्व क्षमता: यह रत्न व्यक्ति के आत्मविश्वास, साहस और निर्णय लेने की क्षमता में अद्भुत वृद्धि करता है।
मान-सम्मान और पद: सरकारी नौकरी, राजनीति और उच्च पदों की प्राप्ति के लिए माणिक्य धारण करना बेहद लाभकारी माना जाता है।
स्वास्थ्य लाभ: यह हृदय, रक्त संचार, आँखों और हड्डियों से संबंधित समस्याओं को दूर करने में सहायक है।
चमत्कार: यदि सूर्य आपकी कुंडली में शुभ होकर कमजोर है, तो माणिक्य धारण करते ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक विशेष चमक और तेज आने लगता है।
माणिक्य मुख्य रूप से म्यांमार (बर्मा) में पाया जाता है, जिसे विश्व का सबसे श्रेष्ठ माणिक्य माना जाता है। इसके अलावा, यह थाईलैंड, श्रीलंका (सीलोन), तंजानिया और मोजाम्बिक की खदानों में भी मिलता है। यह खनिज 'कोरंडम' (Corundum) के रूप में पृथ्वी की परतों के नीचे उच्च तापमान और दबाव में बनता है। इसे खुदाई के बाद सावधानीपूर्वक निकाला और तराशा जाता है।
धातु: माणिक्य को सोने (Gold) या तांबे (Copper) की अंगूठी में धारण करना सबसे उत्तम माना जाता है।
उंगली: इसे दाएं हाथ की अनामिका (Ring Finger) में धारण करना चाहिए।
इसे रविवार (Sunday) के दिन, सूर्योदय के समय या सूर्य की होरा में पहनना सर्वोत्तम होता है।
शुद्धिकरण: अंगूठी को रविवार की सुबह कच्चे दूध, गंगाजल, शहद और थोड़े से घी के मिश्रण में 30 मिनट तक रखें।
सक्रियण: इसे साफ जल से धोकर शुद्ध करें।
मंत्र: भगवान सूर्य देव का ध्यान करें और "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
धारण: मंत्र जाप के बाद इसे अपनी अनामिका उंगली में धारण करें।
कुंडली विश्लेषण: माणिक्य धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली में सूर्य की स्थिति का परीक्षण अवश्य करवाएं। यदि सूर्य आपकी कुंडली में मारक या प्रतिकूल है, तो इसे धारण न करें।
असली रत्न की पहचान: बाजार में बहुत से 'हीट-ट्रीटेड' (Heat-treated) या सिंथेटिक माणिक्य मिलते हैं। हमेशा 'Natural/Unheated' लैब-सर्टिफाइड रत्न ही खरीदें।
रत्न का आकार: सामान्यतः 3 से 6 रत्ती का माणिक्य धारण किया जाता है, परंतु इसे अपनी राशि और समस्या के अनुसार ही चुनें।
सात्विकता: इस रत्न को धारण करने के बाद झूठ बोलने, अहंकार करने और किसी का अपमान करने से बचें, अन्यथा सूर्य का सकारात्मक फल मिलना बंद हो सकता है।
परिवर्तन: यदि माणिक्य में कोई बड़ी दरार आ जाए या चमक अचानक कम हो जाए, तो इसे बदल लेना चाहिए।
सुझाव: माणिक्य सूर्य का रत्न है, इसलिए यह धारण करने वाले व्यक्ति को एक अलग ऊर्जा और गरिमा प्रदान करता है।
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