Bhog Chawar German Silver | Pooja Chamar for God Idol Seva | Silver Plated Chawar Fan for Temple, Aarti & Bhog Rituals | Hindu Pooja Samagri
'भोग चंवर' का उपयोग मुख्य रूप से मंदिरों में देवताओं की सेवा और राजसी सम्मान के प्रतीक के रूप में किया जाता है। जब इसे जर्मन सिल्वर से बनाया जाता है, तो यह सुंदरता और स्थायित्व का एक अद्भुत मिश्रण बन जाता है।
चंवर (Chauri/Chamvar) एक पंखे जैसा उपकरण होता है जिसे हाथ से हिलाकर इष्ट देव या प्रतिष्ठित व्यक्तियों को हवा की जाती है। 'भोग चंवर' का उपयोग विशेष रूप से भगवान को भोजन (भोग) अर्पण करते समय या आरती के दौरान उन्हें शीतलता प्रदान करने और मक्खियों आदि को दूर रखने के लिए किया जाता है।
जब इसके हत्थे (Handle) को जर्मन सिल्वर धातु से बनाया जाता है, तो इसे 'जर्मन सिल्वर भोग चंवर' कहते हैं।
भोग चंवर मुख्य रूप से दो भागों से मिलकर बना होता है:
हत्था (The Handle): यह हिस्सा जर्मन सिल्वर (तांबा, जस्ता और निकेल का मिश्रण) से बना होता है। इस पर अक्सर सुंदर नक्काशी, देवी-देवताओं की आकृतियां या बेल-बूटे बने होते हैं। जर्मन सिल्वर इसे चांदी जैसी सफेद चमक और मजबूती प्रदान करता है।
बाल/रेशे (The Whisk/Fibers): चंवर के ऊपरी हिस्से में सफेद रंग के रेशे होते हैं। प्राचीन काल में ये तिब्बती बैल (Yak) की पूंछ के बालों से बनते थे, लेकिन वर्तमान में ये सिंथेटिक रेशों (Synthetic Fibers) या रेशम के धागों से बनाए जाते हैं ताकि अहिंसा का पालन हो सके।
निर्माण: धातु के हत्थे को सांचे में ढालकर बनाया जाता है और फिर उस पर बारीक नक्काशी की जाती है। अंत में, रेशों को हत्थे के शीर्ष पर मजबूती से जड़ दिया जाता है।
जर्मन सिल्वर से बने भोग चंवर के कई व्यावहारिक और आध्यात्मिक लाभ हैं:
सेवा भाव: यह भगवान के प्रति समर्पण और दास-भाव को दर्शाता है। भोग के समय चंवर झुलाने से भक्त और भगवान के बीच गहरा संबंध बनता है।
पवित्रता: सफेद चंवर को सात्विकता और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।
किफायती विकल्प (Economical): शुद्ध चांदी का चंवर बहुत महंगा होता है। जर्मन सिल्वर उसी वैभव और चमक को बहुत कम कीमत में प्रदान करता है।
रखरखाव में आसान (Low Maintenance): यह शुद्ध चांदी की तरह जल्दी काला नहीं पड़ता। इसे साधारण सफाई से लंबे समय तक चमकदार रखा जा सकता है।
वजन और मजबूती (Durability): यह शुद्ध चांदी की तुलना में अधिक कठोर होता है, जिससे इसके हत्थे पर की गई नक्काशी जल्दी खराब नहीं होती और यह लंबे समय तक चलता है।
इसका उपयोग हमेशा दाएं हाथ से किया जाता है।
भोग लगाते समय इसे धीरे-धीरे और श्रद्धापूर्वक हिलाया जाता है।
उपयोग के बाद इसे किसी ऊंचे और स्वच्छ स्थान पर रखना चाहिए।
प्रो टिप: यदि आपके जर्मन सिल्वर चंवर की चमक कम हो जाए, तो इसे नींबू के रस और बेकिंग सोडा के हल्के घोल से साफ करें, यह फिर से नए जैसा चमकने लगेगा।
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