आयुर्वेद में अस्थमा (दमा) को ‘श्वास रोग’ कहा जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर में कफ और वात दोष के असंतुलन के कारण होता है। आयुर्वेदिक गोलियां (जैसे श्वास कुठार रस या कफ केतु रस) फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और श्वसन मार्ग की सूजन कम करने में मदद करती हैं।
यहाँ अस्थमा की आयुर्वेदिक गोलियों के सामान्य लाभ, प्रयोग और परहेज की जानकारी दी जा रही है:
* इस एक पैकेट में 10 गोली आती है ,,5 दिन का कोर्स होता है,, सुबह-शाम खाना होता है,, विशेष लाभ के लिए 90 दिन तक लगातार प्रयोग करना चाहिए,,
मुख्य लाभ (Benefits)
* सांस फूलना कम करना: यह फेफड़ों की नलिकाओं (Bronchial tubes) की सूजन को कम कर वायु मार्ग को खोलती है।
* बलगम (Mucus) को बाहर निकालना: जमी हुई कफ को पतला करके बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे छाती की जकड़न कम होती है।
* रोग प्रतिरोधक क्षमता: बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम और संक्रमण से लड़ने के लिए फेफड़ों को मजबूती प्रदान करती है।
* तत्काल राहत: खांसी के वेग और सांस लेने में होने वाली घरघराहट (Wheezing) को कम करती है।
प्रयोग विधि (How to Use)
* मात्रा: आमतौर पर 1 से 2 गोली दिन में दो बार ली जाती है।
* अनुपान (सबसे जरूरी): अस्थमा में गोलियों को शहद के साथ चाटकर लेना या गुनगुने पानी के साथ लेना सबसे अधिक प्रभावी होता है। कुछ लोग इसे अदरक के रस के साथ भी लेते हैं।
* समय: सुबह नाश्ते के बाद और रात को भोजन के आधे घंटे बाद।
परहेज और सावधानियां (Diet & Lifestyle)
अस्थमा के प्रबंधन में आहार का बहुत बड़ा हाथ होता है:
| क्या न खाएं (Avoid) | क्या खाएं/करें (Recommended) |
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| ठंडा भोजन: फ्रिज का पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम। | गर्म तासीर: गुनगुना पानी पिएं, अदरक-तुलसी की चाय। |
| भारी और कफ वर्धक: दही, केला, चावल, उड़द की दाल, मिठाई। | हल्का भोजन: मूँग दाल, पुराने चावल, कुलथी की दाल। |
| प्रदूषण और एलर्जी: धूल, धुआं और तेज गंध वाले इत्र से बचें। | प्राणायाम: अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका प्राणायाम नियमित करें। |
| देर रात का भोजन: रात को भारी भोजन और तुरंत सोने से बचें। | मसाले: हल्दी, दालचीनी और काली मिर्च का प्रयोग बढ़ाएं। |
विशेष सुझाव
* भाप (Inhalation): यदि सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो, तो सादे पानी या अजवाइन डाल कर भाप लेना बहुत फायदेमंद होता है।
* धूम्रपान: किसी भी प्रकार के धुएं या धूम्रपान से पूरी तरह परहेज करें।
* परामर्श: क्योंकि अस्थमा एक गंभीर स्थिति हो सकती है, इसलिए यदि सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो तो तुरंत विशेषज्ञ वैद्य या डॉक्टर से संपर्क करें।
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