यह मंत्र विशेष रूप से अनुचित संबंधों को तोड़ने तथा किसी भी प्रकार के अवैध आकर्षण को दूर करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
"बाबा सरबती तेरा बाजी। पाट की माटी मशान की छाई।। पठउ मारु करम तलवार। अमुका कटे न देखे अमुकी का द्वार।। मेरी भि त गुरु की शि त। फु रो मंत्र ईश्वरो वाचा। सत्यनाम आदेश गुरु का।।"
सिद्ध विधान: इस साबर-तांत्रिक मंत्र को सिद्ध करने के लिए ग्रहण काल या दीपावली की रात्रि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस काल में मंत्र का 10,000 बार शुद्धता से जप करें।
नाम परिवर्तन नियम: मंत्र पढ़ते समय जहाँ 'अमुका' शब्द आता है वहाँ पुरुष का नाम और जहाँ 'अमुकी' शब्द आता है वहाँ स्त्री (प्रेमिका) का नाम स्पष्ट रूप से लें।
सामग्री एवं मिश्रण: सषप (पीली या काली सरसों), राई और शमशान की राख (छाई) को समान मात्रा में लेकर एक साथ मिला लें।
अभिमंत्रण क्रिया: साधना कक्ष में इस मिश्रण को सामने रखें। मंत्र का पाठ करते हुए उस पर 108 बार फूंक मारें ताकि सामग्री पूर्णतः जाग्रत हो जाए।
प्रयोग स्थल (छिड़काव): इस अभिमंत्रित मिश्रण को लक्षित व्यक्तियों के घर के मुख्य द्वार के सामने या उनके बैठने/लेने के स्थान पर चुपचाप छिड़क दें। जैसे ही वे इसके संपर्क में आएंगे, दोनों के बीच विद्वेष उत्पन्न होकर अलगाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।
साधना काल के दौरान किसी भी प्रकार की शंका, दुविधा, मंत्र-उच्चारण में असमर्थता या विशेष मार्गदर्शन के लिए आप सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच हमारे केंद्र के साधना विशेषज्ञ से सीधे सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
परामर्श हेल्पलाइन नंबर: 7668607892
सावधानी: साबर मंत्र अत्यंत प्रभावशाली और शीघ्र फलदायी होते हैं। इन प्रयोगों का उद्देश्य केवल सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने या किसी के अनिष्टकारी बंधनों को तोड़ने हेतु होना चाहिए। किसी को अकारण कष्ट पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया प्रयोग साधक के लिए भी प्रतिकूल हो सकता है।
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