यह मंत्र एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक विधान है जो साधक को गतिशीलता प्रदान करता है। इसका प्रयोग विशेष रूप से दुर्गम यात्राओं, अज्ञात मार्गों पर चलने और भौतिक व दैवीय बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है।
मंत्र: "नोड़ तत्तु, नोड़ मुत्तु, नोड़ बज्रधर। नोड़ साजेयाल गांये दये आमके जाँहा ताँहा जा।।"
इस सुरक्षा कवच को सक्रिय करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
साधना निर्देश / Sadhana Instructions: किसी भी अज्ञात मार्ग पर जाते समय, यात्रा प्रारंभ करते समय या किसी दुर्गम स्थान पर प्रवेश करने से पूर्व इस मंत्र का मानसिक स्मरण करें।
क्रिया विधि / Ritual Method: शांति और पवित्र आसन पर बैठकर कुल 7 बार इस मंत्र का पाठ करें। मंत्र पाठ के दौरान अपने शरीर के मुख्य अंगों के पास 'चुटकी' बजाते रहें, अथवा मंत्र की समाप्ति पर अपने शरीर पर 7 बार फूंक मारें। यह क्रिया आपको मार्ग की समस्त बाधाओं से सुरक्षित रखती है।
अपने विश्राम स्थल या साधना स्थान को सुरक्षित करने हेतु यह प्रक्रिया अपनाएं:
विधि / Method: किसी भी लोहे की वस्तु पर इस मंत्र का 7 बार जप करके उसे सिद्ध (अभिमंत्रित) कर लें।
घेरा खींचना / Drawing the Circle: उस अभिमंत्रित वस्तु का उपयोग करते हुए अपने चारों ओर एक सुरक्षा रेखा (घेरा) खींच दें।
मार्ग बाधा निवारण: यात्रा के दौरान आने वाली समस्त भौतिक और दैवीय बाधाएं स्वतः ही शांत हो जाती हैं।
संकट से रक्षा: यह मंत्र दुर्गम स्थानों पर अज्ञात खतरों और अचानक आने वाले संकटों से साधक की रक्षा करता है।
गतिशीलता (Speed & Agility): यह साधना साधक को मानसिक और शारीरिक रूप से सतर्क रखती है, जिससे वह कठिन मार्गों को भी सरलता से पार कर लेता है।
अभेद सुरक्षा चक्र: इस कवच के प्रभाव से साधक का आभामंडल इतना सशक्त हो जाता है कि कोई भी नकारात्मक शक्ति प्रवेश करने में असमर्थ होती है।
साधक हेतु विशेष परामर्श: "सही मार्गदर्शन ही साधना की सफलता का आधार है। अपनी यात्रा को मंत्र शक्ति से सुरक्षित और मंगलमय बनाएं।"
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