जब किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य, व्यापार, भोजन या प्रगति को किसी की बुरी नजर लग जाती है, तो उसकी उन्नति एकाएक रुक जाती है। यह मंत्र उस अदृश्य बंधन और नजर दोष को काटने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।
मंत्र का शुद्ध उच्चारण इस प्रकार है:
"ॐ सत्यनाम आदेश गुरु को, ॐ नजर जहॉ पर पीर न जानो, बोले तुलसी अमृतबानी, कहो नजर कहॉ ते आई, इहॉई ठॉइ तोहि कउण बताई, कउण जात केरे कहॉ ठॉइ, किसकी बेटी कहॉ तेरो नाम, कहॉ से उड़ी कहॉ को जाय, अब ही बस् करले देवी माया, मेरी जात सुनो चितलाय, जायनी होइ सुनउ ऑय, तेलङ्।"
इस मंत्र की सिद्धि और प्रभावशीलता के लिए निम्नलिखित विधियों का पालन करें:
एकाग्रता एवं जप (Concentration and Chant): इस मंत्र को पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ 108 बार जप कर सिद्ध या जागृत किया जाता है।
साधारण प्रयोग क्रिया (Simple Application): पीड़ित व्यक्ति को पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। मंत्र का धीमे स्वर में पाठ करते हुए उसके चेहरे और छाती पर फूंक (दम) मारें।
विशेष तैल प्रयोग विधि (Special Oil Application): यदि नजर का प्रभाव गहरा हो, तो एक छोटी कटोरी में शुद्ध सरसों का तेल लें। मंत्र पढ़ते हुए उस तेल पर फूंक मारें। तत्पश्चात, उस अभिमंत्रित तेल की कुछ बूंदें पीड़ित के माथे, कान के पीछे अथवा पैरों के तलवों पर लगाएं। इससे नजर दोष तत्काल दूर होता है।
नजर दोष का निवारण (Removal of Evil Eye): यह मंत्र बुरी नजर के कारण रुकी हुई प्रगति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करता है।
अदृश्य बंधन से मुक्ति (Freedom from Invisible Bonds): यह व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
व्यापार एवं भोजन की शुद्धि (Purification of Business and Food): यदि व्यापार या भोजन पर नजर लगी हो, तो यह मंत्र उसे शुद्ध कर पुनः सकारात्मक बनाता है।
नोट: यह एक पारंपरिक तांत्रिक प्रयोग है। इसे पूर्ण विश्वास के साथ करें।
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