रण चंडी की ऊर्जा अत्यंत उग्र और रक्षात्मक मानी जाती है। साधना के दौरान या किसी भी जोखिम भरी यात्रा पर निकलते समय स्वयं की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें।
यात्रा पर निकलने से पूर्व अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
प्रारंभिक प्रक्रिया / Preliminary Process: अपने घर या वर्तमान निवास स्थान से बाहर निकलते ही रुक जाएं। अपने मन में 'श्मशान काली' के दिव्य नाम और उनके शक्तिशाली स्वरूप का पूर्ण ध्यान व स्मरण करें।
मंत्र पाठ / Mantra Chanting: पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ इस मंत्र का 7 बार शुद्ध और सस्वर (स्पष्ट आवाज में) जप करें।
सुरक्षा कवच निर्माण / Creation of Protection Shield: मंत्र पाठ पूर्ण होने के पश्चात, अपने शरीर (विशेषकर छाती और कंधों) पर 3 बार फूंक मारें। यह क्रिया आपके चारों ओर एक सूक्ष्म सुरक्षा कवच का निर्माण करती है।
प्रस्थान / Departure: सुरक्षा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात ही अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।
यदि आप किसी विशिष्ट स्थान या कार्यक्षेत्र में स्वयं को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इस विधि से घेरा बनाएं:
अभिमंत्रण / Consecration (Abhimantran): कोई भी लोहे की वस्तु (जैसे लोहे की छड़ी, त्रिशूल या चाकू) लें। इस वस्तु पर मंत्र का 7 बार जप करके उसे सिद्ध करें।
घेरा खींचना / Drawing the Circle: उस सिद्ध वस्तु का उपयोग करते हुए अपने चारों ओर एक सुरक्षा रेखा (घेरा) खींचें।
प्रभाव / Effect: यह अभिमंत्रित घेरा एक अत्यंत शक्तिशाली रक्षा-दीवार के रूप में कार्य करता है। इस घेरे के भीतर कोई भी नकारात्मक, तामसिक या हानिकारक शक्ति प्रवेश करने में पूर्णतः असमर्थ रहती है।
रण चंडी साधना में भाव और निडरता का विशेष महत्व है। प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि यह सुरक्षा कवच आपकी मानसिक और आध्यात्मिक दृढ़ता से और अधिक प्रभावी हो जाता है।
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