यह मंत्र दैनिक जीवन में साधक की सुरक्षा के लिए एक सरल किंतु अत्यंत प्रभावी तांत्रिक विधान है। यह मंत्र साधक के शरीर को 'वज्र' (पत्थर के समान कठोर और अभेद्य) बना देता है।
मंत्र: "घर थेके बेरलो आमके भूमे दये पा। सेल पाथरे आमके बाँधलक गा।।"
इस सुरक्षा कवच को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने हेतु निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
साधना निर्देश / Sadhana Instructions: घर की चौखट पार करते समय जब आपका पहला पैर धरती का स्पर्श करे, तब श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का उच्चारण करें।
क्रिया विधि / Ritual Method: यदि किसी विशेष कार्य के लिए घर से निकल रहे हैं, तो पवित्र आसन पर बैठकर 7 बार मंत्र का पाठ करें। मंत्र पाठ के दौरान अपने शरीर के मुख्य अंगों के पास 'चुटकी' बजाते रहें, अथवा मंत्र की समाप्ति पर अपने संपूर्ण शरीर पर 7 बार फूंक मारें।
अपने निवास को नकारात्मक ऊर्जा और बाहरी बाधाओं से सुरक्षित रखने हेतु यह प्रक्रिया अपनाएं:
विधि / Method: किसी भी लोहे की वस्तु पर इस मंत्र का 7 बार जप करके उसे सिद्ध (अभिमंत्रित) कर लें।
घेरा खींचना / Drawing the Circle: उस अभिमंत्रित वस्तु का उपयोग करते हुए अपने चारों ओर एक सुरक्षा रेखा (घेरा) खींच दें।
वज्र समान सुरक्षा: इस मंत्र के प्रभाव से शरीर 'पाषाड़ वज्र' की भांति अभेद्य हो जाता है, जिस पर किसी भी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता।
दैनिक विघ्न-निवारण: दैनिक कार्यों में आने वाले छोटे-बड़े विघ्न और अड़चनें स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं।
दुर्घटनाओं से बचाव: घर से प्रस्थान करते समय यह मंत्र साधक को अनहोनी और आकस्मिक दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखता है।
मार्ग की बाधाएं: यात्रा के दौरान या कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के टोने-टोटके या द्वेषपूर्ण बाधाओं का प्रभाव नहीं होता।
साधक हेतु विशेष परामर्श: "साधना का मार्ग विश्वास और निरंतरता का है। अपनी ऊर्जा को सदैव सकारात्मक बनाए रखें और निर्भय होकर अपने कार्य में आगे बढ़ें।"
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