मंगल देव ऊर्जा, पराक्रम और साहस के कारक हैं। उनकी साधना भूमि संबंधी कार्यों, साहस में वृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा के नाश के लिए अत्यंत फलदायी है।
ध्यान मंत्र (Dhyana Mantra):
"ओँ अङ्गारकोऽिनसदृशतनूरुहो मेषासनश्च गदापाणिस्त्रनेत्रः। दक्षाभयप्रदकरो बरदश्च भूमेः सुतोऽतदीितबपुः सदा मे स्तात् प्रसादाय।।"
पूजा मंत्र (Puja Mantra):
"ओँ हू ं श्रीं मङ्गलाय नमः।"
प्रणाम मंत्र (Pranama Mantra):
"धरणीगभसम्भूतं वद्युत्काि तसमप्रभम्। कुमारं शि तहस्तञ्च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।"
जाप संख्या (Chanting Count): कुल 10,000 (दस हजार) मंत्र जाप। कलियुग के विधान के अनुसार 40,000 मंत्र जाप का लक्ष्य रखें।
समय (Timing): प्रातःकाल (सूर्योदय के 1 घंटे के भीतर)।
वस्त्र एवं आसन का रंग (Dress & Asana Color): गहरे लाल रंग के वस्त्रों का उपयोग करें।
जाप की माला (Chanting Beads): मूंगा (Coral) की माला या लाल चंदन की माला।
विशेष क्रिया (Special Ritual): मंगल देव के सम्मुख तांबे का एक छोटा टुकड़ा या कोई त्रिकोणीय लाल वस्तु रखकर पूजा करें और गुड़ का भोग अर्पित करें।
कुंडली के मांगलिक दोष, भूमि या ऋण बाधा शांति के अनुष्ठान की अधिक जानकारी के लिए, या इस विधि-विधान को और बेहतर ढंग से समझने के लिए हमारे केंद्र के ज्योतिषाचार्य से वार्ता करें।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products