यहाँ 'चंद्र ग्रह महासाधना' का व्यवस्थित विवरण दिया गया है:
चंद्र देव मन, शीतलता और भावनाओं के कारक हैं। उनकी साधना मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए अत्यंत प्रभावकारी है।
ध्यान मंत्र (Dhyana Mantra):
"ओँ श्वेताम्बराहतबपुः शशलाञ्छनश्च श्वेताश्वयुक्तशशभृद् गदापाणिस्त्रनेत्रः। दक्षाभयप्रदकरः शशभृद् वधाता सौम्यः सुधामयशरीर उपैतु तुष्टिम्।।"
पूजा मंत्र (Puja Mantra):
"ओँ ऐं ह्रीं सोमाय नमः।"
प्रणाम मंत्र (Pranama Mantra):
"दधशङ्खतुषाराभं क्षीरोदाणवसम्भवम्। नमाम शशिनं सोमं शम्भोमुकुटभूषणम्।।"
जाप संख्या (Chanting Count): कुल 11,000 (ग्यारह हजार) मंत्र जाप। कलियुग के विधान के अनुसार 44,000 मंत्र जाप का लक्ष्य रखें।
समय (Timing): संध्याकाल (सूर्यास्त के बाद) या रात्रि का समय।
वस्त्र एवं आसन का रंग (Dress & Asana Color): श्वेत (सफेद) रंग के वस्त्रों का उपयोग करें।
जाप की माला (Chanting Beads): शंख की माला, मोती की माला या स्फटिक की माला।
विशेष क्रिया (Special Ritual): पूजा के दौरान माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और मिश्री या दूध से बनी मिठाई का भोग अर्पित करें।
मानसिक अशांति के निवारण हेतु चंद्र साधना के विशेष नियमों की अधिक जानकारी के लिए, या इस विधि-विधान को और बेहतर ढंग से समझने के लिए हमारे केंद्र के ज्योतिषाचार्य से वार्ता करें।
No review given yet!
Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products