यह एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक रक्षा विधान है। माँ मनसा देवी की कृपा से यह साधना साधक को नागपाश और किसी भी प्रकार के अभिचार कर्म (तंत्र-मंत्र के दुष्प्रभाव) से मुक्त रखने में सक्षम है।
साधना की सिद्धि और प्रभावशीलता के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
साधना दिवस / Sadhana Day: मनसा देवी के वार्षिक पूजन उत्सव अथवा शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह साधना करना अत्यंत फलदायी है।
उपवास / Fasting: इस दिन पूर्ण उपवास (निराहार या केवल फलाहार) अनिवार्य है।
पवित्र तिलक / Sacred Tilak: पूजा के उपरांत, चरणों में अर्पित सिंदूर को अपनी अनामिका उंगली से स्पर्श करें और इसे अपने मस्तक (आज्ञा चक्र) तथा कंठ (विशुद्ध चक्र) पर धारण करें।
जप विधि / Chanting Method: तिलक लगाने के तुरंत पश्चात कुशा के आसन पर बैठें और इस महामंत्र का 8 बार शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें। (विशेष: मंत्र में 'अमुक' के स्थान पर अपना नाम लें।)
इस विधि को पूर्ण करते ही साधक के चारों ओर एक अभेद्य आध्यात्मिक सुरक्षा कवच निर्मित हो जाता है। यह कवच निम्नलिखित नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है:
भूत-प्रेत एवं पिशाच बाधा।
डाकनी-शाकनी का प्रभाव।
सभी प्रकार के तांत्रिक अभिचार कर्मों से सुरक्षा।
अपने स्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयोग करें:
अभिमंत्रण / Consecration: लोहे की किसी भी वस्तु पर इस मंत्र का 7 बार जप करके उसे सिद्ध (अभिमंत्रित) कर लें।
घेरा खींचना / Creating the Circle: उस वस्तु का उपयोग करते हुए अपने चारों ओर एक सुरक्षा रेखा (घेरा) खींच दें।
मंत्र साधना एक अत्यंत सूक्ष्म और ऊर्जावान विज्ञान है। यदि विधि में कोई संशय हो या मंत्र उच्चारण को लेकर प्रश्न हो, तो हमारे केंद्र के विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य लें। "सही मार्गदर्शन ही साधना की सफलता का आधार है।"
परामर्श का समय / Consultation Hours: प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
हेल्पलाइन नंबर / Helpline Number: 9455387025
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