Black Rudraksha Mala for Meditation & Japa | Original Rudraksha Prayer Beads Mala | Shiva Spiritual Necklace for Yoga, Puja & Healing | Hindu Pooja Item
रुद्राक्ष न केवल एक माला है, बल्कि इसे भगवान शिव का साक्षात स्वरूप और उनके 'अश्रु' (आंसू) माना जाता है।
रुद्राक्ष एक विशेष फल की गुठली है। प्राकृतिक रूप से रुद्राक्ष भूरे (Brown) रंग का होता है, लेकिन जब इसे तेल में डुबोया जाता है या यह पूरी तरह पक जाता है, तो यह गहरा भूरा या काला दिखाई देने लगता है। काली रुद्राक्ष माला को सबसे शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि काला रंग शनि देव और महाकाल (शिव) का प्रतीक है। यह माला आमतौर पर 108+1 मनकों की होती है।
रुद्राक्ष पूरी तरह से एक प्राकृतिक वनस्पति उत्पाद है।
स्रोत (The Tree): यह 'इलिओकार्पस गैनिट्रस' (Elaeocarpus ganitrus) नामक पेड़ के फल के बीज से बना होता है। ये पेड़ मुख्य रूप से हिमालय के क्षेत्रों (नेपाल) और इंडोनेशिया में पाए जाते हैं।
निर्माण प्रक्रिया: पेड़ पर लगने वाला फल नीला (Blueberry जैसा) होता है। जब यह फल सूख जाता है, तो इसके ऊपर का छिलका हटा दिया जाता है, जिसके अंदर से कठोर 'रुद्राक्ष' निकलता है।
काला रंग: प्राकृतिक रूप से गहरे रंग के रुद्राक्ष दुर्लभ होते हैं। कई बार इन्हें सरसों के तेल या विशेष जड़ी-बूटियों के तेल में पकाकर गहरा काला और मजबूत बनाया जाता है ताकि ये लंबे समय तक सुरक्षित रहें।
काली रुद्राक्ष माला धारण करने या इससे जप करने के अनगिनत फायदे हैं:
शिव कृपा: इसे धारण करने वाला व्यक्ति भगवान शिव के संरक्षण में रहता है।
एकाग्रता (Focus): मंत्र जप के लिए काली रुद्राक्ष माला सबसे उत्तम मानी जाती है, यह मन को शांत कर ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है।
नकारात्मकता से मुक्ति: यह बुरी नजर, तंत्र-बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा कवच की तरह रक्षा करती है।
रक्तचाप नियंत्रण (Blood Pressure): वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, रुद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुण होते हैं जो हृदय गति और बीपी को संतुलित रखने में सहायक होते हैं।
तनाव में कमी: यह शरीर के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत कर मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है।
असली काली रुद्राक्ष माला की पहचान बहुत जरूरी है:
पानी का टेस्ट: असली रुद्राक्ष पानी में डालने पर डूब जाता है (हालांकि यह हमेशा सटीक नहीं होता, क्योंकि लकड़ी भी डूब सकती है)।
बनावट: असली रुद्राक्ष की धारियां (मुख) प्राकृतिक होती हैं, वे हाथ से काटी हुई नहीं लगनी चाहिए।
सावधानी: रुद्राक्ष पहनकर मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए और इसे सोते समय उतार देना चाहिए।
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य देवता | भगवान शिव |
| ग्रह दोष निवारण | शनि और राहु के कुप्रभाव को कम करता है |
| मंत्र | 'ॐ नमः शिवाय' |
विशेष सुझाव: नई काली रुद्राक्ष माला लेने के बाद उसे 24 घंटे के लिए सरसों के तेल या घी में डुबोकर रखना चाहिए, इससे मनके और अधिक मजबूत और चमकदार हो जाते हैं।
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