Vaijayanti Mala 108 Beads | Original Vaijanti Japa Mala for Meditation, Mantra Jaap, Puja & Spiritual Use
वैजयंती माला (Vaijayanti Mala) भारतीय पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक परंपराओं में एक अत्यंत दिव्य माला मानी जाती है। इसे "विजय की माला" भी कहा जाता है। भगवान श्री कृष्ण को यह माला अत्यंत प्रिय है और वे सदैव इसे धारण किए हुए दिखाई देते हैं।
'वैजयंती' का अर्थ है "वह जो विजय दिलाती है"। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, यह माला भगवान विष्णु और श्री कृष्ण द्वारा धारण की जाती है। यह माला वैजयंती नामक एक दुर्लभ पौधे के बीजों से बनाई जाती है। माना जाता है कि पृथ्वी माता ने भगवान कृष्ण को प्रेम स्वरूप यह माला भेंट की थी।
वैजयंती माला का निर्माण प्रकृति और शिल्प के मेल से होता है:
बीजों का संग्रह: वैजयंती के पौधे (Coix lacryma-jobi) के बीजों को एकत्र किया जाता है। ये बीज प्राकृतिक रूप से बहुत कठोर और चमकदार होते हैं।
प्राकृतिक रंग: ये बीज दो रंगों में मिलते हैं—हल्के सफेद/ग्रे और गहरे काले/भूरे। जप के लिए अक्सर हल्के रंग के बीजों का प्रयोग होता है।
पिरोना (Stringing): इन बीजों में प्राकृतिक रूप से एक छोटा सा छेद होता है, जिसे थोड़ा और साफ करके मजबूत सूती या रेशमी धागे में पिरोया जाता है।
मनकों की संख्या: आध्यात्मिक पूर्णता के लिए इस माला में 108+1 (सुमेरु) मनके होते हैं।
इसका निर्माण पूरी तरह से प्राकृतिक और वानस्पतिक सामग्री से होता है:
वैजयंती के बीज (Vaijayanti Seeds): यह माला का मुख्य आधार है। ये बीज घास की एक प्रजाति से प्राप्त होते हैं जो मुख्य रूप से ब्रज (मथुरा-वृंदावन) के जंगलों में पाए जाते हैं।
विशिष्टता: इन बीजों की खासियत यह है कि ये कभी खराब नहीं होते और समय के साथ इनकी चमक बढ़ती जाती है।
धागा: माला की पवित्रता बनाए रखने के लिए शुद्ध कपास या रेशम के धागे का उपयोग किया जाता है।
विजय और सफलता (Victory and Success): जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, इसे धारण करने से जीवन के हर क्षेत्र (व्यवसाय, शिक्षा, प्रतियोगिता) में विजय और सफलता प्राप्त होती है।
भगवान कृष्ण की कृपा: श्री कृष्ण के भक्तों के लिए यह माला सर्वश्रेष्ठ है। इससे 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
मानसिक शांति और आत्मविश्वास: यह माला व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास का संचार करती है और मन में चल रही उथल-पुथल को शांत कर मानसिक स्थिरता प्रदान करती है।
ग्रह दोष निवारण (Astrological Benefits): ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि और बृहस्पति (Jupiter) से संबंधित दोषों को दूर करने के लिए वैजयंती माला धारण करना अत्यंत लाभकारी है।
आकर्षण और प्रभाव: इसे धारण करने से व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है और लोग उसकी बातों को सम्मानपूर्वक सुनते हैं।
विवाह बाधा निवारण: माना जाता है कि यदि किसी के विवाह में देरी हो रही हो, तो वैजयंती माला धारण करने से विवाह के योग जल्दी बनते हैं।
एक विशेष सुझाव: वैजयंती माला को धारण करने के लिए गुरुवार (बृहस्पतिवार) या शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। इसे पहली बार धारण करने से पहले गंगाजल से शुद्ध करके भगवान श्री कृष्ण के चरणों से स्पर्श कराना चाहिए।
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