यह एक अत्यंत प्रभावी रक्षा विधान है, जो शरीर के प्रत्येक महत्वपूर्ण अंग, पंच-तत्वों और दसों दिशाओं को ईश्वरीय शक्तियों से सुरक्षित कर एक 'वज्र कपाट' (अभेद्य सुरक्षा कवच) का निर्माण करता है।
साधक को शांत और पवित्र आसन पर बैठकर निम्नलिखित चरणों का पालन करना चाहिए:
पाठ / Recitation: पूर्ण ध्यान और श्रद्धा के साथ इस मंत्र का कुल 7 बार पाठ करें।
क्रिया / Action: मंत्र पाठ के दौरान अपने दाहिने हाथ के अंगूठे और उंगलियों से शरीर के मुख्य अंगों के पास जाकर 'चुटकी' बजाते रहें। वैकल्पिक रूप से, प्रत्येक मंत्र की समाप्ति पर अपने शरीर पर (या जिसके लिए रक्षा की जा रही है, उसका नाम लेते हुए) फूंक मारें।
समाप्ति / Conclusion: अंत में 7 बार शरीर पर फूंक मारकर पूर्ण आत्मबल के साथ अपने कार्य में प्रवृत्त हों। (नोट: यदि आप किसी अन्य व्यक्ति की रक्षा के लिए यह प्रयोग कर रहे हैं, तो मंत्र पाठ के दौरान उनका नाम उच्चारण करना अनिवार्य है।)
अपने स्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह सरल प्रक्रिया अपनाएं:
विधि / Method: लोहे की किसी भी वस्तु पर इस मंत्र का 7 बार जप करके उसे अभिमंत्रित (सिद्ध) कर लें।
घेरा / Protection Circle: अभिमंत्रित वस्तु का उपयोग करते हुए अपने चारों ओर एक सुरक्षा रेखा (घेरा) खींच दें।
प्रभाव / Effect: यह सुरक्षा घेरा नकारात्मक शक्तियों के प्रवेश को रोकने में पूर्णतः सक्षम है।
मंत्र साधना एक अत्यंत सूक्ष्म और ऊर्जावान विज्ञान है। यदि आपको मंत्र के उच्चारण अथवा विधि को लेकर कोई भी संशय हो, तो हमारे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
परामर्श का समय / Consultation Hours: प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
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