बंगाली मंत्र विद्या कोर्स ,,सभी दुखों का समाधान X
Brass Paragi Lotiya for Pooja
(0) 0 Reviews 0 Orders 0 Wish listed
₹160.00₹225.00
Quantity :
Total price :
  (Tax : )
Out of stock

Brass Paragi Lotiya for Pooja | Peetal Paragi Lota for Temple & Religious Rituals | Traditional Brass Pooja Lotiya for Jal Arpan & Daily Worship

परागी लोटिया पीतल (Paragi Lotiya Brass)

परागी लोटिया मूल रूप से पीतल (Brass) से बनी एक विशेष प्रकार की पारंपरिक पानी की लुटिया (छोटा लोटा) या पात्र को कहा जाता है। 'परागी' अक्सर इसके आकार, बनावट या क्षेत्रीय निर्माण शैली को संदर्भित करता है। यह धातु के बर्तन अपनी मजबूती और स्वास्थ्य लाभों के लिए प्राचीन काल से भारतीय रसोई और पूजा घरों का अभिन्न अंग रहे हैं।


यह किस प्रकार बना होता है? (Composition and Manufacturing)

पीतल एक मिश्र धातु (Alloy) है। यह मुख्य रूप से दो धातुओं का मिश्रण होता है:

  1. तांबा (Copper): लगभग 60% से 70%।

  2. जस्ता या जिंक (Zinc): लगभग 30% से 40%।

निर्माण प्रक्रिया: इसे बनाने के लिए 'ढलाई' (Casting) या 'पीटने' (Hammering) की विधि का उपयोग किया जाता है:

  • सबसे पहले तांबे और जस्ते को उच्च तापमान पर पिघलाया जाता है।

  • फिर इस पिघले हुए मिश्रण को सांचों में डाला जाता है या पारंपरिक कारीगर इसे हथौड़ों से पीटकर मनचाहा आकार देते हैं।

  • अंत में, इसकी सतह को चिकना करने के लिए घिसाई और पॉलिश की जाती है।


इसके क्या-क्या लाभ हैं? (Benefits of Brass Utensils)

पीतल के बर्तनों का उपयोग केवल परंपरा नहीं है, इसके पीछे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हैं:

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boost): पीतल के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

  • पेट के लिए फायदेमंद: यह पेट के कीड़ों को खत्म करने और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक माना जाता है।

  • स्वच्छता: पीतल में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पानी को शुद्ध रखने में मदद करते हैं।

  • मजबूती और टिकाऊपन: पीतल के बर्तन बहुत मजबूत होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं, इसीलिए इन्हें पीढ़ियों तक इस्तेमाल किया जाता है।

  • त्वचा के लिए अच्छा: आयुर्वेद के अनुसार, पीतल के बर्तनों का उपयोग करने से त्वचा संबंधी रोगों में भी सुधार होता है।


सावधानी (A Note of Caution)

पीतल के बर्तनों में कभी भी खट्टी चीजें (जैसे दही, नींबू, अचार, टमाटर) नहीं रखनी चाहिए। खट्टापन धातु के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसीलिए, पारंपरिक रूप से पीतल के बर्तनों को अंदर से 'कलई' (Tin coating) करवाया जाता था।

विशेष निर्देश:- हमारे केंद्र द्वारा प्रदान की गयी मंत्रविद्या,यंत्रविद्या,सिद्धसामग्री,एवं आयुर्वेदिक औषधि,और अन्य किसी भी सामग्री का हम आधिकारिक रूप से कोई भी गारंटी या जिम्मेदारी नहीं लेते। आप चैनल के विश्वास और चमत्कार को देखकर के स्वयं या दूसरों के हित के लिए प्रयोग कर सकते है।

No review given yet!

Fast Delivery all across the country
Safe Payment
7 Days Return Policy
100% Authentic Products
You may also like
test
₹44.00
बाल और दाढ़ी काले करने का स्वयं सिद्ध बंगाली मंत्र
₹1.00
-₹3,000.00
*नाजायज पुरुष स्त्री संबंध विद्वेषण का स्वयं सिद्ध बंगाली मंत्र*
₹7,100.00 ₹4,100.00
-₹59.00
गृहशोभा हाथी मैग्नेट
₹189.00 ₹130.00
-₹59.00
गृहशोभा तोता - मैग्नेट
₹189.00 ₹130.00
Total price :
  (Tax : )

Similar products

-₹47.00
₹147.00 ₹100.00
-₹72.00
₹232.00 ₹160.00
-₹94.50
₹304.50 ₹210.00
-₹81.00
₹261.00 ₹180.00
-₹54.00
₹174.00 ₹120.00
-₹51.50
₹166.50 ₹115.00
-₹58.50
₹188.50 ₹130.00
-₹52.50
₹162.50 ₹110.00
-₹76.50
₹246.50 ₹170.00
-₹76.50
₹246.50 ₹170.00
-₹81.00
₹261.00 ₹180.00